भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान प्रतापगढ़ में उस वक्त माहौल जोश और भावनाओं से भर गया, जब उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंच से एक ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे सभागार को तालियों और ठहाकों से गूंजा दिया।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले : मंच पर जाकर ‘दरोगा’ को ‘थप्पड़’ मार दूं
लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान प्रतापगढ़ में उस वक्त माहौल जोश और भावनाओं से भर गया, जब उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंच से एक ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे सभागार को तालियों और ठहाकों से गूंजा दिया।
‘आनंद मठ’ नाटक का मंचन देख भावुक हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अंग्रेजों द्वारा हिंदुस्तानियों पर किए गए जुल्म को देखकर उनका मन कर रहा था कि मंच पर जाकर उस अंग्रेज दरोगा को थप्पड़ मार दें। उनके इस बयान के बाद पूरा हाल तालियों और हंसी से गूंज उठा।
अपने संबोधन में उन्होंने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कलाकार समाज की सच्चाइयों और विकृतियों को मंच पर उतारते हैं, तो वह समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने ‘आनंद मठ’ को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना का प्रतीक बताया।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बंगाल की ऐतिहासिक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इसी धरती ने रवींद्र नाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्व दिए, लेकिन आज वहां की स्थिति देखकर दुख होता है।
उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से विश्व को दिशा देने वाला देश रहा है और हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। ‘आनंद मठ’ जैसे नाटकों के माध्यम से देश की संस्कृति को दुनिया भर में पहुंचाने का कार्य किया गया है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 20 कलाकारों को सम्मानित किया। साथ ही लोकमाता अहिल्याबाई पर आधारित बाल नाटक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक रंग और देशभक्ति का उत्साह साफ नजर आया। उप मुख्यमंत्री के बयान ने जहां माहौल को जीवंत बना दिया, वहीं कलाकारों के प्रदर्शन ने दर्शकों को भावुक कर दिया।